2010

फर्जी एनकाउंटर केस

Amit Shah's Introduction

तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अगुआई में अमित भाई ने जिस तरह से गुजरात प्रदेश से कांग्रेस पार्टी का सफाया किया उससे वह शुरू से ही राजनैतिक विरोधियों की आँख की किरकिरी बन गये। गृहमंत्री के रूप में आपने गुजरात पुलिस के आधुनिकरण के नये कीर्तिमान स्थापित किये थे। इसी कार्यकाल के दौरान 2005 में कुख्यात आतंकवादी सोहराबुद्दीन शेख का गुजरात में एनकाउन्टर हुआ। परन्तु द्वेष भाव से कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए की केन्द्र सरकार ने अमित भाई के ऊपर 2006 में फर्जी एनकाउंटर का केस जड़ दिया। उल्लेखनीय है कि गत् कुछ वर्षो में गुजरात में 19 और देश भर में 1200 एनकाउन्टर हुये थे परन्तु कांग्रेस की केन्द्र सरकार ने जांच के लिये गुजरात के सारे के सारे 19 केस और देश के बांकी 1181 केसो में सिर्फ 1 केस को चुना।

इस फर्जी एनकाउंटर के मामले में अमित भाई को 2010 में जेल भेज दिया गया। परन्तु 90 दिनों के बाद “There is no prima facie evidence against Amit Shah” के रिमार्क के साथ उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। उन्हें जमानत मिलने के बाद भी दो वर्षो तक गुजरात प्रदेश के बाहर रहना पड़ा। कहते हैं कि झूठ के पैर नहीं होते, 2015 में CBI की एक विशेष अदालत ने इस फर्जी इनकाउंटर केस में अमित भाई को इस रिमार्क के साथ बरी कर दिया कि “यह पूरा का पूरा केस राजनैतिक रूप से प्रेरित था”।